Sarso Ka Saag – सरसों का साग मक्की की रोटी पहचान है पंजाबियत की और साथ ही साथ कह सकते है उत्तर भारत की भी. खाने पीने की जब भी हम बात करेंगे तो ऐसा हो ही नहीं सकता है कि पंजाब का जिक्र न हो क्योंकि भारत का यह हिस्सा जो बड़ी बड़ी पांच नदियों की मौजूदगी की वजह से पंजाब कहलाता है और अति विशेष भी, और इसी पंजाब की देन है सरसों का साग जो यहाँ हर घर में खूब खाया जाता है

पंजाब ही क्यों सरसों का साग (Sarso Ka Saag) आज सारे देश में बड़े चाव से खाया जाता है, उत्तर भारत जिसमे मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व दिल्ली, होटल हो या शादी समारोह हर जगह खूब घुटता है सरसों का साग (Sarso Ka Saag).

ठंड के सीजन में जब ज्यादातर खेत सरसों से लहलहाते (भरे हुएं) दिखायी पड़ते है वही शुरू हो जाता है घरों के अंदर सरसों का घुटना, जाड़े का मौसम शुरू होते ही घरों से सरसों के साग (Sarso Ka Saag) की खुशबू फूटने (महकने) लगती है.

सरसों का साग खाने में जितना स्वादिष्ट व पोस्टिक होता है इसको बनाने का तरीका भी उतना ही रोचक होता है आज अपने इस ब्लॉग के माध्यम से सरसों के साग (Sarso Ka Saag) को बनाने की सारी विधियों या कहें तरीकों को एकदम विस्तार से बताने की कोशिश करूँगा कि कैसे गाव देहात में  देसी तरीके से सरसों का साग बनाया जाता है.

चलिये एक नजर सरसों का साग (Sarso Ka Saag) बनाने में लगने वाली सामग्री पर डाल लेते हैं

आवश्यक सामग्री – Ingredients for Sarso ka Saag Recipe

  • सरसों डंठल के साथ –  500 ग्राम (पत्ते व डंटल दोनों)
  • पालक के पत्ते – 200 ग्राम
  • बथुआ के पत्ते – 100 (वैकल्पिक)
  • हरी मेथी – 100 ग्राम
  • हरी मिर्च- 2 से 3 बारीक कटी हुई
  • अदरक- 2 से 3 इंच का टुकड़ा बारीक कटा हुआ
  • लहसुन – 8 से 10 कली बारीक कटी हुई
  • घी – 4 से 5 चम्मच (लगभग 100 ग्राम)
  • हींग- 2 – 3 पिंच
  • जीरा- 1/2  छोटी चम्मच
  • मक्की का आटा- 70 से 80 ग्राम
  • गेहूं  का आटा – 50 ग्राम
  • लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटी चम्मच
  • नमक – स्वादानुसार ( 2 छोटी चम्मच )

Sarson Ka Sag Recipe | सरसों का साग बनाने की विधि: –

सबसे पहले सरसों पालक मेथी व बथुआ को अच्छे से साफ कर लें व साफ पानी से धोकर किसी छलनी जैसे बर्तन में रख दे ताकि उसका अतिरिक्त पानी निकाल जाये सरसों को साफ़ करते हुए ध्यान रखें की हमें पत्तों के साथ थोड़े डंठल को भी लेना है जिससे साग में स्वाद बढ़ता है बस वो ज्यादा टाइट न हो, वही दूसरी ओर मेथी को साफ़ करते हुए ध्यान रखें कि हमें केवल पत्ते ही लेने हैं.

काटते हैं सरसों पालक मेथी व बथुआ को | Sarso Ka Saag Recipe

अब सारे सरसों, पालक व मेथी को चोपिंग बोर्ड पर चाकू से जितना हो सके बारीक काट लें देखिये पहले के ज़माने में और अभी भी अगर आप गाँवों में जाकर देखेंगे तो वहाँ लोग सरसों के साग (Sarso Ka Saag  Recipe) को काटने के लिए एक विशेष प्रकार का एक यंत्र रखते है.

इस यंत्र को दरात बोलते है लेकिन उस पर साग काटने के लिए एक तकनीक होती है जो हर किसी को नहीं आती उसी के विकल्प के रूप में अब बाज़ार में साग काटने के लिए कटर आने लगे हैं जिनसे साग काटना बहुत आसान हो जाता है.

सभी कटे हुए सागों (सरसों, मेथी, पालक व बथुआ) को एक प्रेशर कुकर में ले कर उसमें थोडा

पानी (लगभग 500 ml) व नमक डालकर आंच पर रख दें व एक से 2 सीटी आने तक पकने दें

जब प्रेशर ख़त्म हो जाते तो ढक्कन खोलें व थोडा ठंडा होने दें

किसी ब्लेंडर या मिक्सी की मदद से इसको चटनी जैसा पेस्ट होने तक पीसें यहाँ ध्यान रखने वाली बात ये है कि

इस पेस्ट को बहुत ज्यादा महीन नहीं पीसना है बल्कि थोडा दरदरा ही रखना है

आंच चालू करें व धीमी आंच पर इसको पकने दें बिना ढक्कन लगाये

सरसों के साग में मक्की व गेहूं के आटे का घोल (आलन लगाना) | Sarso Ka Saag Recipe

एक बर्तन मे मक्की का आटा लेकर उसमें थोडा पानी डालकर घोल बना लें व पकते हुए साग (Sarso Ka Saag Recipe) में डालें व किसी करछी की मदद से चलाते रहें व धीमे धीमे पकने दें.

इस आटे को घोलकर डालने की प्रक्रिया को आलन लगाना बोलते हैं  इससे  सरसों के साग (Sarso Ka Saag) को एक गाढ़ापन या कहें लेस तो मिलता ही है साथ ही साथ स्वाद में भी बढ़ोतरी होती है.

5 से 7 मिनट बाद गेहूँ के आटे का घोल बनाकर डालें व लगातार चलाते रहें लगभग 10 मिनट तक इसको धीमे-धीमे उबलते हुए पकायें व बीच-बीच में चलाते रहें ताकि साग बर्तन की तली में न लगे सरसों का साग पक कर तड़का लगाने के लिए तैयार है.

आइये सरसों के साग को तड़का लगाते हैं | Sarso Ka Saag Recipe

एक कढ़ाई में घी डालकर गर्म होने के लिए आंच पर रख दें जब घी गर्म हो जाये तो उसमें जीरा डालें व बारीक कटें लहसुन, हरी मिर्च व अदरक डालकर भूनें.

जब लहसुन भूनकर गुलाबी हो जाये तो उसमें पीसी लाल मिर्च डालकर थोडा सा भूनकर सरसों के साग (Sarso Ka Saag) को डालकर अच्छे से चलाते हुए मिलायें व 2 से 3 मिनट तक पकाएं सरसों का साग (Sarso Ka Saag) बनकर खाने के लिए एकदम तैयार है.ऊपर से मक्खन या देसी घी डालकर इसका लुत्फ उठायें

मक्की के आटे की रोटी | Sarso Ka Saag Recipe

मक्की का आटा लें व उसको थोडा-थोडा पानी डालकर गूथ लें व हल्के-हल्के हाथ से रोटियां बेलकर तवे पर सेंके व गरमा गर्म सरसों के साग (Sarso Ka Saag) के साथ मक्की की रोटियों का आनंद ले.

Sarso Ka Saag Makki Ki Roti

Sarso Ka Saag

                                                                         Sarso Ka Saag तड़का लगकर खाने के लिए तैयार है
Sarso Ka Saag Makki Ki Roti

Sarso Ka Saag Makki Ki Roti

                                                                                    
सरसों के साग Sarso Ka Saag में सुझावों का तड़का:

साग को कटते वक्त बारीक ही काटें क्योंकि ज्यादा मोटा काटने पर खाते वक़्त तिनके जैसे मुहँ में आते है जिससे खाने मजा कम हो जाता है

पहले के ज़माने लोग मिक्सी या ब्लेंडर जैसी चीजों का उपयोग नह्गी करते थे और सरसों के साग को धीरे-धीरे एक घोटने की मदद से घोटते थे जिससे सरसों का साग हल्की-हल्की आंच पर अपना समय लेकर पकता था और एक अलग रूप व स्वाद लेता था. जिसमें समय बहुत ज्यादा लगता था जो की आज के भागदौड़ के समय में संभव नहीं है इसी लिए अभी के समय में हम लोग सरसों के साग (Sarso Ka Saag) को महीन करने के लिए घोटने की जगह ब्लेंडर या मिक्सी का प्रयोग करते हैं, बस ध्यान इतना रखें की बहुत ज्यादा बरीक पेस्ट न बनायें.

अगर आप लहसुन खाना पसंद नहीं करते है तो आप लहसुन की जगह प्याज का इस्तेमाल कर लें .

एक बात और आपको बताता चलूँ कि गावों में आज भी सरसों का साग ताजा घोटकर पहले एक समय बिना प्याज लहसुन के ही खाया जाता है और बाद में बचा हुआ बाकि का बासी साग दुसरे टाइम में लहसुन प्याज आदि में छोककर (तड़का लगाकर) खाते है,

जिसका स्वाद और भी ज्यादा शानदार या कह सकते है mature हो जाता है.

मक्की की रोटी की जहाँ तक बात है इसको बनाना थोडा कठिन होता है और इसमें समय भी लगता है इसका आटा तुरंत गूथा जाता है तो आटा उतना ही लगाये जितना आपको उपयोग में लेना हो बाकि थोडा धीरज से बनाये तो आप सीख जायेंगे व मक्की की अच्छी रोटी बना सकेंगे.

Sarso Ka Saag No 1 | Superb Never Before सरसों का साग व मक्की की रोटी | foodiedil
Sarso Ka Saag बनकर खाने के लिए तैयार है

Sarso Ka Saag सरसों साग मक्की की रोटी पहचान है उत्तर भारत की,स्वाद व पोष्टिकता से भरा, ठंड का मौसम शुरू होते ही सारे उत्तर भारत में खूब खाया जाता है सरसों का साग

Type: Main Course

Cuisine: Indian

Keywords: Sarso Ka Saag, Sarso Ka Saag Recipe

Recipe Yield: 5

Preparation Time: PT0H30M

Cooking Time: PT1H00M

Total Time: PT1H30M

Recipe Ingredients:

Editor's Rating:
5

10 thoughts on “Sarso Ka Saag | Sarson Ka Sag | Sarson Ka Saag Makki Ki Roti | सरसों का साग बनाने की विधि पंजाबी स्टाइल मे”

  1. बहुत ही सरल शब्दों में शानदार व सेहत के लिए भी लाभप्रद सरसो का साग और मक्के की रोटी बनाने की विधि का वर्णन किया है। सचमुच मुंह में पानी आ गया।

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Sarso Ka Saag जिसको खाकर आप इसके स्वाद को भूल नहीं पाएंगे