Lauki Ki Barfi | घीया की लौज | घीया की बर्फी बनाने की विधि

Lauki Ki Barfi या  घीया की लौज एक ऐसी वेजिटेबल से बनाई जाती है जो  बारह महीने मिलने वाली सब्जियों में से एक है,

ओर सारे देश में समान या कहें प्रचूरता से पायी जाती है। वैसे तो घीया हर मौसम में उबलब्ध रहता है लेकिन विशेष रूप से

गरमियों में इसकी पैदावार अधिक होती है।

लौकी की प्रकृति  शीतल होने के कारण गर्मी के मौसम में इसका प्रयोग भी अधिक होता है।

घीया अथवा लौकी का सेवन बहुत सारे अलग-अलग तरीकों से बनाकर किया जाता है जैसे कि

इसके बहुत तरह के व्यंजन बनाए जाते है ।उन्हीं में से एक बहुत खास और पसंद किया जाने वाला

व्यंजन है Lauki Ki Barfi या घीया की लौज। भाद्रपद मास में आने वाले विषेश त्यौहार जन्माष्टमी के

अवसर पर घीया की बर्फी खासतौर से बनाई जाती है क्योंकि लौकी की बर्फी को व्रत में फलहार के

रुप में भी ग्रहन क़िया जाता है।

आज के इस दौर में जब हर व्यक्ति अपने खान-पान को लेकर सजग रहता है और खासकर अगर मीठे की बात करे

तो  मीठे को बहुत हाई कैलोरी खाना माना जाता है  इसिलिए मीठे का सेवन लोग कम मात्रा में ही  करतें हैं, लेकिन

जब बात घीया की बर्फी की आती है तो ऐसा नहीं है, क्योंकि लौकी  की लौज में भरपूर मात्रा में घीया होता है, जो की

घीया की बर्फी को स्वादिष्ठ बनाने के साथ-साथ अत्यंत ही पोष्टिक भी बना देता। घीया की मात्रा अधिक होने से लौकी

की लौज में मीठे की मात्रा भी काफी हद तक बैलेंस हो जाती है जिससे इसे  बिना किसी डर के भरपेट खाया जा

सकता है।

वैसे भी लौकी की लौज का स्वाद इतना अच्छा लगता है कि खुद को रोक पाना बड़ा ही कठिन हो जाता है,  इसीलिए घीया

की लौज को हर उम्र के लोग खा सकते है।

घीया की लौज (Lauki Ki Barfi) बनाने का तरीका:-

शुरु करते है घीया की लौज (Lauki Ki Barfi) के लिए सामग्री जमा करना:-

घीया (Lauki)- एक किलोग्राम
चीनी एक किलो ग्राम
मावा (खोया) अiधा किलो ग्राम
घी 100 ग्राम
सूखे मेवे 100 ग्राम रले मिले कतरे हुए(बादाम, काजू, पिस्ता, इलायची एवं चिरौंजी इत्यादि इच्छानुसार ले सकते है)

चलिए शुरू करते हैं (Lauki Ki Barfi) लौकि की बर्फी बनाना:-

सबसे पहले लौकी को छीलकर एक छोटा पीस काटकर चख लीजिए, कही लौकी कड़वी तो नहीं है।

अब लौकी को एक कद्दूकस की मदद से कद्दूकस कर लीजिए। सनद रहे “बहुत सारे स्थानों पर लौकी को

कद्दू  घीया अथवा दूधि  के नाम से भी जाना जाता है”। अब एक गहरी कढाई मेे ग्रेटेड लौकी को डालकर

आंच पर चढ़ा दीजिए। अब इसमें चीनी मिलाकर चलाते हुए पकाएं। क्योंकि लौकी में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है तो

अलग से पानी मिलाने की आवश्यकता नही है।

इसको पकाते जाए जब चाशनी थिक होने लगे तो थोड़ी मात्रा में निकालकर थोड़ा ठंडा करके अंगुलियों की मदद से

चैक करे। अगर इसकी गोली जैसी बन रही है तो इसमें एक चम्मच घी बचाकर बाकी सारा डाल दें और पकाएं, घीया

चासनी मेे पककर तैयार है।

Lauki Ki Barfi घीया की लौज की चाशनी मे अंगुठे व तर्जनी अंगुली की मदद से तार देखते हुए
घीया की लौज की चाशनी मे अंगुठे व तर्जनी अंगुली की मदद से तार देखते हुए

अब इसको आंच से उतार ले और तेज तेज किसी पलटे की सहायता से चलाए। अब इसमें थोड़ी थोड़ी मात्रा में मावा मिलाते

जाए और चलाते रहें।

जब घोटते-घोटते मिश्रण थिक (टाईट) होने लगे तो एक अच्छे से  घी लगाई (ग्रीस) हुई परात या बड़े थाल में इसको

पलटकर अच्छे से फैला दें। उपर से सारे ड्राइ फ्रूट्स सेट कर दे। जब सारे ड्राइ फ्रूट्स अच्छे से चिपक जाए तो ठंडा

होने के लिए छोड़ दे। आपकी घीया की लोज या कहें लोकी की बरफी तैयार हैं।अपने मनपसंद साइज में काटकर

स्टोर कर लें। आप इसका आनंद 5-6 दिनों तक ले सकते हैं।

Lauki Ki Barfi is ready to enjoy स्वादिस्ट घीया की लौज/थाल में जमी घीया की बर्फी/लौकी की लौज
Lauki Ki Barfi is ready to enjoy थाल में जमी स्वादिस्ट घीया की लौज
Lauki Ki Barfi is ready to enjoy स्वादिस्ट घीया की लौज
Lauki Ki Barfi is ready to enjoy स्वादिस्ट घीया की लौज

जरूरी सलाह-सुझाव:

लौकी को प्रयोग करने से पहले चख कर जरूर देख ले अगर लगे लौकी कडवी है तो इसका प्रयोग ना करे इससे

स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।

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