Kadhi Banane Ki Vidhi | कढ़ी बनाने की विधि

दही बेसन से बनी स्वाद से भरपूर कढ़ी तैयार है

Kadhi Banane Ki Vidhi तो अलग अलग हो सकती है लेकिन कढ़ी एक ऐसी डिश है जिसका नाम सुनने मात्र से ही मुहँ में पानी आ जाता है।

आज मैं अपने ब्लॉग के माध्यम से कढ़ी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास करूँगा। कढ़ी बनाने की रेसिपी से लेकर उसके अलग-अलग स्वाद और विविधता के बारे में।

अर्थात स्थानों के बदल ने से कैसे कढ़ी का स्वरुप बदल जाता है।

तो बात करते हैं कढ़ी बनाने की विधि की, उत्तर भारत में कढ़ी को बहुत पसंद किया जाता है।

बहुत सारे ऐसे अवसर व  शुभ कार्य आते है जब कढ़ी का बनना आवश्यक हो जाता है।

कढ़ी दिव्यता व शुभता का सूचक भी मानी जाती है, इसिलिए नार्थ इंडिया में बहुत सारे शुभ कार्यो में कढ़ी बनाई व  खाई जाती है।

इन्ही सब कारणों से कढ़ी का अपना एक विशिष्ठ स्थान है।

समुदाय विशेष का कढ़ी प्रेम

यदि हम हरियाणा की ही बात करें तो हरियाणा में एक समुदाय ऐसा भी है जो कढ़ी के बिना अधूरा सा लगता है।

वो समुदाय है बिश्नोई समुदाय।

बिश्नोई समुदाय एक ऐसा कढ़ी-प्रेमी समुदाय है जिसका खाना कढ़ी के बिना अधूरा है।

ऐसा कोई दिन नहीं होता जब बिश्नोई घर में कढ़ी ना बनती हो।

स्थानों के बदलने से कढ़ी बनाने की विधि का तरीका भी थोडा-थोडा बदलता जाता है।

राजस्थान, हरियाणा, पंजाब ओर  उत्तर प्रदेश में कढ़ी खूब पसंद की जाने के साथ-साथ सभी शादी समारोह में भी बनवाई जाती है।

जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूँ कढ़ी बनाने की रेसिपी में थोड़े थोड़े बदलाब स्थान परिवर्तन के हिसाब से होते रहते है।

लेकिन खाने में इसका जायका (स्वाद) या कहें उपस्थिति शायद ही बदलती हो।

कढ़ी को भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है जैसे कढ़ी पकोड़ा, बेसन की कढ़ी, राजस्थानी कढ़ी और पंजाबी कढ़ी इत्यादि।

आज हम बनायेंगे कढ़ी पकोड़ा रेसिपी इन दिल्ली स्टाइल जो सम्पूर्ण उत्तर भारत जैसे पंजाब राजस्थान हरियाणा और उत्तेर प्रदेश में बहुत ज्यादा प्रचलित है और खूब बनाई खाई जाती है।

 यहाँ पंजाबी कढ़ी बनाने की विधि का विस्तार से वर्णन किया जायेगा।

तो चलिये शुरू करते है कढ़ी बनाने की विधि या कहें पंजाबी कढ़ी पकोड़ा रेसिपी।

Kadhi Banane Ki Vidhi में प्रयुक्त होने वाली सामग्री:

  • बेसन  300 ग्राम (दो हिस्सों में कर लें एक पकोड़ों के लिए व दूसरा कढ़ी बनाने के लिए)
  • तेल 50 ग्राम (सरसों का तेल या रेगुलर आयल)
  • पकोड़े तलने के लिए सरसों का तेल 250 ग्राम 
  • मट्ठा अथवा छाछ एक  किलोग्राम (थोडा खट्टा मट्ठा या दही कढ़ी बनाने में ज्यादा उपयुक्त रहेगा)
  • प्याज दो बड़े आकार के (बारीक कटे हुए)
  • मेथी दाना 1 टेबले स्पून
  • जीरा ½ चम्मच
  • साबुत लाल मिर्च 4-5
  • अदरक डेढ़ से दो इंच का टुकड़ा (बारीक कटा हुआ)
  • हल्दी पाउडर 1 टेबले स्पून
  • सूखा पिसा धनिया 1 टेबले स्पून
  • पीसी लाल कश्मीरी मिर्च 1 टेबले स्पून
  • गरम मसाला ½  टेबले स्पून
  • देसी घी 1 से 2  टेबले स्पून (तडके के लिए)
  • पीसी हींग दो चुटकी
  • कसूरी मेथी 1 टेबले स्पून
  • हरा धनिया 20 से 25 ग्राम
  • हरी मिर्च 1 से 2 (बारीक कटी हुई)
  • नमक 1 से दो टेबल स्पून (स्वादानुसार)

तो चलिये पहले तैयार करते हैं Kadhi Banane Ki Vidhi में प्रयोग होने वाले पकोड़े :

बाउल में 100 ग्राम बेसन में थोडा पानी मिलाकर पकोड़ों के लिए घोल तैयार कर लें।

उसमे थोडा नमक, थोड़ी हींग डालकर अच्छे से फेट लें ताकि कढ़ी के लिए पकोड़े सॉफ्ट बने,

ध्यान रहे घोल ना तो ज्यादा पतला होना चाहिए और ना ही ज्यादा गाढ़ा।

घोल की सही कंसिस्टेंसी होनी चाहिए। यदि आप घोल का सही गाढ़ापन देखना चाहते हैं तो इमेज में देख सकतें हैं।

कढ़ाई में तेल गर्म होने के लिए आंच पर चढ़ा दे। जब तेल उपयुक्त तापमान पर गर्म हो जाये तो हाथ से या एक चम्मच की सहायता से छोटे-छोटे आकार के पकोड़े तल कर निकाल ले।

पकोड़ो का साइज़ आप अपनी इच्छानुसार रख सकते है।

कढ़ी रेसिपी के लिए पकोड़े बनाते हुए ध्यान रहे की तेल ज्यादा गर्म ना हो क्योंकि ज्यादा गर्म तेल में पकोड़े ऊपर से तो एकदम पक जाते हैं लेकिन अंदर से कच्चे रह जाते है।

तो ध्यान रखें पकोड़े अंदर तक अच्छे से पक जाये, कढ़ी रेसिपी के लिए पकोड़े बनकर तैयार है।

अब शुरू करते है कढ़ी बनाने की विधि:-

थोड़ी छाछ में बेसन मिलाकर पहले गाढ़ा घोल तैयार करें और बाद में उसमे बाकि बची छाछ धीरे-धीरे मिलाते जायें ताकि घोल में गाठ ना बने।

अगर घोल ज्यादा गाढ़ा हो तो थोडा पानी भी मिला सकते हैं ताकि कढ़ी ना तो ज्यादा पतली बने और ना ही ज्यादा गाढ़ी।

Kadhi Banane Ki Vidhi-कढ़ी के लिए दही और बेसन की सही मात्रा के साथ घोल तैयार करते हुए
कढ़ी-बनाने-की-विधि-के-लिए-बेसन-और-दही-का-घोल

अब कढ़ी बनाने के लिये एक गहरे बर्तन में थोडा तेल (लगभग 50 ग्राम) लेकर गर्म करे।

तेल को ज्यादा पकाने की जरूरत नहीं है।

क्योंकि पकोड़े बनाते समय तेल पहले ही पक चुका है।

बस सही तापमान तक गर्म करें और उसमे मेथी और जीरा डालकर सुनहरा होने तक भून ले।

उसमे बारीक कटे प्याज, अदरक व हरी मिर्च डालकर अच्छे से सुनहरा होने तक भूनें।

आंच धीमी करके बाकि मसाले जैसे हल्दी, पीसा धनिया, कसूरी मेथी व पीसी कश्मीरी मिर्च  डालकर थोडा भूनें।

ध्यान रहे अब मसालों को ज्यादा नहीं भूनना है।

अब इसमें तैयार बेसन और छाछ के घोल को धीरे धीरे चलाते हुए डालें।

पलटे या चमचे की मदद से लगातार उबाल आने तक चलाते रहें।

अब दो चम्मच पानी में हींग और नमक को घोलकर कढ़ी में डालें औरे चलायें।

कढ़ी को कुछ देर पकने के बाद तैयार पकोड़ें डालें।

अच्छे से चलायें, कढ़ी को धीमी आंच पर लगभग 25 से 30 मिनट तक पकाते रहें ।

जब कढ़ी खूब पक जाये और सही गाढ़ेपन पर आ जाये तो गैस बंद कर दे कढ़ी-पकोड़ा तैयार है।

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एक कलछी में देसी घी गर्म करे औरे उसमे थोडा जीरा व साबुत लाल मिर्च को तोड़कर अच्छे से भून ले और कढ़ी के ऊपर यह तड़का डालें।

कटे हरे धनिये से सजाकर सर्व करें, कढ़ी पकोड़ा खाने के लिए एक दम तैयार है।

आप रोटी अथवा चावल दोनों के साथ कढ़ी का जायका ले सकते है।

उपरोक्त कढ़ी बनाने की विधि द्वारा बनाई गई कढ़ी बहुत ही स्वादिष्ठ बनी है।  

बनाते हुए ध्यान देने योग्य जरुरी सुझाव जिनसे कढ़ी का स्वाद और भी बढ़ जाता है :

ध्यान रखें कढ़ी में पयोग होने वाला दही थोडा खट्टा होना चाहिए।

इससे कढ़ी का स्वाद ज्यादा उभर कर कर आता है।

यदि आप पकोड़े बनाने से पहले बेटर को अच्छे से फेट लेंगे तो पकोड़े बहुत मुलायम व स्वादिस्ट बनेंगे।

इसिलिए तलने से पहले ध्यान दे कि बेटर अच्छे से फेट लिया गया हो।

अगर आप तीखा खाना पसंद करते है तो बाद में तड़का बनाते हुए उसमे थोड़ी पीसी लाल मिर्च भी डाल सकते हैं।

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कढ़ी को धीमी आंच पर खूब अच्छे से पकाये, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि कढ़ी जितनी ज्यादा पकती है उसका स्वाद उतना जी ज्यादा निकल कर आता है।

इसका स्वाद सरसों (mustered oil) के तेल में ज्यादा उभरकर आता है वैसे आप अपनी इच्छानुसार कोई भी एडिबिल आयल प्रयोग कर सकते हैं।

Kadhi Banane Ki Vidhi द्वारा तैयार कढ़ी पकोड़ा
तैयार कढ़ी पकोड़ा खाने में बहुत ही स्वाद है

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