बेल पत्थर, बेल के फायदे (Benefits Wood Apple in Hindi) और औषधीय गुण बेल, बेल पत्थर, बेल फल या बिल्ब फल (Bilva Tree) कई सारे नामों से हमारे जीवन में गहराई से शामिल बेल पत्थर बहुत लाभकारी व धार्मिक आस्था वाला वृक्ष है जो बहुत सारे रूपों में हमारे उपयोग में आता है.

हिन्दू धर्म की बात करें तो भोले नाथ को खुश करने के लिए शिव आराधना में काम आने वाला ये बेल का पेड़ विशिष्ट स्थान रखता हैं, चाहे बेल के फल जिसको बेल पत्थर भी कहा जाता है या फिर बेल के पत्र या पत्ते जिनको हम शिव पूजा की सामग्री में विशेष रूप से शामिल करते हैं.

बेल के पत्र विशेष आकृति तीन-तीन पत्तों के गुच्छों में जुड़े होते है जिनको महादेव के त्रिनेत्र से जोड़कर देखा जाता हैं. वैसे पूजा में पांच पत्तों के विशेष गुच्छों को अति महत्व दिया जाता है जो बहुत कम मात्रा में दिखायी देते हैं.

बेल पत्थर एवं आयुर्वेद |Benefits Wood Apple in Hindi

बेल को हम लोग आयुर्वैदिक रूप से भी बहुत उपयोग में लेते हैं, बेल के पत्तो से लेकर फल जड़ तक सभी घटक अलग-अलग तरह से प्रयोग किये जाते है व सही तरीके से ग्रहण करने पर अत्यंत लाभकारी होते है. गर्मियों के मौसम में जब सूरज अपने प्रचंड रूप में होता है तो बेल का शरबत बेहद फायदेमंद व शीतलता प्रदान करने वला माना जाता है, इसी लिए ग्रीष्मकालीन शर्बतों में अपनी एक अलग पहचान रखता है व जगह-जगह सुलभता से उपलब्ध होता है.

अनेक लाभ देने वाला बेल का फल (Benefits Wood Apple in Hindi) चिकित्सीय महत्त्व के कारण आयुर्वेद में काफी प्रचलित एवं बारम्बार याद किये जाने वाला एक ऐसा वृक्ष है जो पकने में सबसे अधिक समय लेता है व अपने बड़े एवं भरी शरीर के होते हुए भी द्रढ़ता से अपनी डाली से तब तक झूलता रहता है जब तक की इसको अलग न किया जाये.

उपरी तौर पर बहुत मजबूत पत्थर के समान बेल का फल वास्तविक तौर पर अन्दर से बहुत सोम्य, मृदु व बेहद मीठे स्वाद से पूर्ण फलों में जाना जाता है. कहा जाता है कि पेट के लिए तो बेल का फल वरदान (Benefits Wood Apple in Hindi) है अर्थात पेट के सभी रोगों का निवारण करने की क्षमता रखता है.

बेल का शरबत | How to Make Bel Sharbat | बेल का शरबत बनाने के लिए सामग्री

बेल का शरबत बनाना बहुत आसन है इसके लिए हम पीले रंग के फल जो पक चुके होते है उनको लेते है.

चार से पांच जनों के लिए

  • बेल फल – 1 Kg (एक बड़ा बेल या छोटे आकार के 2 बेल फल)
  • पानी – 1 लीटर
  • चीनी – 100 ग्राम

बेल का शरबत बनाने की विधि  | Benefits Wood Apple in Hindi

बेल को तोड़कर उसका अंदर वाला हिस्सा निकाल लें व बीजों को अलग करके पानी में डालकर हाथों से मसलते हुए घोल लें, इस कार्य में किसी मथनी का प्रयोग भी किया जा सकता है, अच्छे से मथने के बाद किसी छलनी से छानकर पानी अलग निकाल लें व छलनी में बचे हुए छान को फेंक दें.

अब इस घोल में अपने स्वाद अनुसार मीठा मिलाकर बर्फ या बिना बर्फ के सर्व करें और इस बेहद फायदेमंद (Benefits Wood Apple in Hindi) जूस का आनंद लें. जूस को मीठा करने के लिए चीनी के स्थान पर गुड या खांड का प्रयोग भी किया जा सकता है जो चीनी से अधिक फायदेमंद होता है.

बेल क्या है? | WHAT IS BAEL IN HINDI? | Benefits Wood Apple in Hindi

बेल का पेड़ (BAEL TREE) एक अत्यंत ही पौराणिक वृक्ष है जिसकी अपनी एक अलग पहचान है. भारतीय परंपरा एवं शास्त्रों के अनुसार बेल के वृक्ष को एक दिव्य शक्ति वाला पेड़ माना गया है. बेल का पेड़ गहरी छाया देने वाला वृक्ष होता है जो राहगीरों को शीतलता प्रदान करता है.

बेल के पत्ते बहुत लम्बे समय तक तरोताजा बने रहते है, पेड़ के आकार की बात की जाये तो इसकी ऊंचाई सामान्यतः 15 फिट से लेकर 30 फिट तक रहती है.

मध्यमाकर का  बेल का पेड़ तीखे एवं मजबूत कांटों वाला पेड़ होता है जो 3 साल की उम्र से ही फल देने लगता है. बेल के पत्ते फूल फल एवं छाल सभी वातावरण को सुगंधित करने वाली होती हैं. बेल के पत्ते अग्र भाग से नुकीले व गहरे हरे रंग वाले होते हैं जो मन को लुभाते हैं वही इसकी छाल हल्के पीले रंग की होती है. बेल के फूल हरे व सफ़ेद दोनों रंग के पाये जाते हैं.

बेल के फल गोलाकार व हलके लम्बे होते हैं. बेल के वृक्ष का फल देने का समय मार्च से शुरू होकर जुलाई अगस्त तक रहता है. बेल का वृक्ष सम्पूर्ण भारत में समान रूप से पाया जाता है.

बेल के अलग अलग भाषाओँ में नाम | Wood Apple Names in different Languages

बेल को वानस्पतिक नाम एगली मारमेलोस (Aegle Marmelos) है और इसको रूटेसी (Rutaceae) कुल का पौधा माना जाता है, अगर संस्कृत भाषा की ही बात करें तो यह एक मात्र ऐसा वृक्ष है जिसको बहुत सारे नामों से पुकारा जाता है जैसे: बिल्व, शाण्डिल्य, शैलूष, मालूर, श्रीफल, कण्टकी, सदाफल, महाकपित्थ, ग्रन्थिल, गोहरीतकी इत्यादि.

भारत में अलग अलग भाषा में बेल के नाम | बेल के फायदे | Wood Apple Benefits

हिन्दी में बेल या श्रीफल, उर्दू में बेल, असामीज में बेल, कोंकणी में बेल, उरिया में बेलो या बेल्थई, गुजरती में बीली.

बेल के फायदे (Benefits of Wood Apple or Bel in Hindi)
  1. बेल के फल, तना, फूल व पत्ते सभी गुणकारी व फायदे देने वाले हैं  चलिये कुछ विशेष गुणों के बारे में बात करते हैं
  2. सिर दर्द में लाभकारी बेल का  प्रयोग (Benefits of Bel in Relief from Headache in Hindi) बेल के वृक्ष की  सूखी हुई जड़ को जल के साथ गाढ़ा पीस सिर पर लेप करने से सिरदर्द में आराम मिलता है
  3. बालों में जूं की समस्या में बेल का प्रयोग (Benefits of Bel in Dandruff Problem in Hindi)माना जाता है कि बेल के पके फल से निकलने वाले जैल जैसे पदार्थ में तिल का तेल व थोडा कपूर  मिलाकर लगाने से जूं होने की समस्या में लाभ होता है.
  4. आंखों के रोग में बेल का प्रयोग लाभदायक (Benefits of Bel to treat Eye Disease in Hindi) बेल के 10 ग्राम पत्तो को पीसकर 100 मिली पानी में घोले व मिस्री मिलाकर  सेवन करने से आँखों की बहुत सारी समस्या में लाभ होता है, यह उपचार रतोंधी में विशेष लाभ देने वाला होता है.
  5. दिल की समस्या में बेल पत्र का 1 ग्राम रस निकालकर शहद मिला लें, इस मिश्रण को गाय के शुद्ध देसी घी के साथ सेवन करने से ह्रदय के दर्द में लाभ मिलता है, घी व शहद की मात्रा बराबर न लें अगर शहद 10 ग्राम लें रहे हो तो घी की मात्रा आधी ही लें.
  6. पेचिस होने पर बेल के फल को आग में सेंक लें व उसका गूदा निकालकर शहद के साथ सेवन करें, बहुत फायदेमंद होता है.23
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Benefits Wood Apple in Hindi | बेल पत्थर | बेल के फायदे और औषधीय गुण

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